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ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने प्रमुख ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना (PBGRY) कर दिया है। दिसंबर 2025 में घोषित इस बदलाव से महात्मा गांधी, जिन्हें प्यार से पूज्य बापू कहा जाता है, का सम्मान किया गया है, साथ ही योजना में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। काम के दिनों की संख्या बढ़ाने, बजट आवंटन में वृद्धि और सतत विकास पर फोकस के साथ पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने का लक्ष्य रखती है।
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यह ब्लॉग पोस्ट पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना के बारे में पूरी जानकारी देगी, जिसमें इसकी विशेषताएं, लाभ, पात्रता और हालिया अपडेट शामिल हैं।
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना क्या है?
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना भारत की प्रमुख ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जो ग्रामीण परिवारों को अकुशल मैनुअल काम की कानूनी गारंटी प्रदान करती है। मूल रूप से 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) के रूप में शुरू हुई यह योजना 2009 में मनरेगा नाम से जुड़ी महात्मा गांधी के आदर्शों से।
दिसंबर 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसका नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना करने की मंजूरी दी, जो गांधीजी (पूज्य बापू) के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है। योजना ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को जल संरक्षण संरचनाएं, सड़कें और सिंचाई सुविधाएं जैसे टिकाऊ संपत्तियां बनाने पर फोकस करती है।

पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना की मुख्य विशेषताएं
नवीनीकृत पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना में कई सुधार किए गए हैं, जो इसे और प्रभावी बनाते हैं:
- गारंटीड रोजगार दिन: प्रति परिवार सालाना 100 से बढ़ाकर 125 दिन, जिससे आजीविका सुरक्षा मजबूत होती है।
- न्यूनतम दैनिक मजदूरी: ₹240 प्रति दिन (राज्यों में न्यूनतम मजदूरी मानकों के अनुसार भिन्नता संभव)।
- बजट आवंटन: योजना के लिए ₹1.51 लाख करोड़ का आवंटन, जिसमें केंद्र का हिस्सा लगभग ₹95,600 करोड़।
- प्राथमिकता क्षेत्र: जल सुरक्षा, संरक्षण परियोजनाएं और विकसित भारत नेशनल इंफ्रा स्टैक से मुख्य बुनियादी ढांचा।
- बेरोजगारी भत्ता: आवेदन के 15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
- महिला सशक्तिकरण: लाभार्थियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएं, ग्रामीण कार्यबल में लैंगिक समानता को बढ़ावा।
ये अपडेट ग्रामीण संकट को दूर करने, प्रवास कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हैं।
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना के उद्देश्य
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:
- ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाना, प्रति परिवार कम से कम 125 दिन का मजदूरी रोजगार प्रदान करना।
- जल संरक्षण, वनीकरण और भूमि विकास जैसे टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियां बनाना।
- ग्रामीण गरीबी और शहरों की ओर संकट प्रवास कम करना।
- महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना।
- जल सुरक्षा और बुनियादी ढांचा जैसे राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ समावेशी विकास को बढ़ावा देना।
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना की पात्रता मानदंड
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना के लाभ उठाने के लिए:
- आवेदक ग्रामीण परिवार का वयस्क सदस्य (18 वर्ष या अधिक) हो।
- अकुशल मैनुअल काम करने की इच्छा हो।
- ग्राम पंचायत द्वारा जारी वैध जॉब कार्ड हो।
- कोई आय या संपत्ति आधारित प्रतिबंध नहीं – यह मांग-आधारित योजना सभी ग्रामीण परिवारों के लिए खुली है।
सूखा प्रभावित या विशेष परिस्थितियों में परिवार घरेलू सीमा से अधिक दिन आवेदन कर सकता है।
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना के लिए आवेदन कैसे करें
आवेदन प्रक्रिया सरल और विकेंद्रीकृत है:
- स्थानीय ग्राम पंचायत में जाकर पंजीकरण कराएं और मुफ्त जॉब कार्ड प्राप्त करें।
- लिखित या मौखिक रूप से काम के लिए आवेदन दें।
- 15 दिनों में काम प्रदान किया जाना चाहिए, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
- मजदूरी आधार से लिंक बैंक/डाकघर खाते में सीधे जमा।
- आधिकारिक पोर्टल (वर्तमान में nrega.nic.in, जल्द अपडेट होने की उम्मीद) से प्रगति ट्रैक करें।
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना का प्रभाव और लाभ
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना ग्रामीण भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हुई है:
- आर्थिक मजबूती: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सीधे मजदूरी इंजेक्ट, क्रय शक्ति बढ़ाना।
- सामाजिक समावेश: महिलाओं (कई वर्षों में 50% से अधिक) और हाशिए पर पड़े समूहों की उच्च भागीदारी।
- पर्यावरणीय लाभ: लाखों जल संग्रहण संरचनाएं भूजल रिचार्ज और कृषि सुधार।
- संकट प्रबंधन: सूखा, महामारी और आर्थिक मंदी में सुरक्षा जाल।
निष्कर्ष
पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विजन के प्रति नवीनीकृत प्रतिबद्धता दर्शाती है। रोजगार दिनों में वृद्धि, सतत परियोजनाओं पर प्राथमिकता और फंडिंग बढ़ाकर सरकार मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रास्ता तैयार कर रही है। यदि आप ग्रामीण परिवार से हैं, तो आज ही इस योजना का लाभ उठाकर सम्मानजनक काम का अधिकार सुरक्षित करें।






